सिनेमा और राखी का बंधन


भारतीय सिने जगत का राखी के त्यौहार के साथ एक अनोखा बंधन है। आज भी हर वह फिल्म जिसमें भाई बहन हो तो राखी का एक दृश्य तो बनता ही है। लेकिन एक समय था, जब पूरी फिल्म भाई बहन की प्रेम, समर्पण और त्याग पर ही आधारित होता था।
 फिल्मों में रक्षाबंधन के दृश्य फिल्माने का सबसे पहले चलन हुआ था 1941 में आई फिल्म "सिकंदर" से। इस फिल्म में पृथ्वीराज कपूर ने सिकंदर की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में सिकंदर की पत्नी ने पति के हिंदू शत्रु पुरू यानी कि राजा पोरस को राखी बांधकर अपना मुंहबोला भाई बनाया और युद्ध के समय सिकंदर को न मारने का वचन लिया।
 इसके बाद महबूब खान ने अपनी फिल्म हुमायूं (1945)  में इस त्यौहार को विस्तार से दिखाया। हुमायूं बने अशोक कुमार और रानी कर्णावती के रोल में अभिनेत्री बीना ने ऐसा जीवंत अभिनय किया कि फिल्मों में रक्षाबंधन दिखाने का प्रचलन हो गया। इस फिल्म मे  मुगल काल में बादशाह हुमायूं चितौड़ पर आक्रमण करने के लिए आगे बढ़ रहा था। ऐसे में राणा सांगा की विधवा कर्णावती ने हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा वचन ले लिया।
1959 मे बनी एक फिल्म "छोटी बहन" का गीत "भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना,
 भैया मेरे छोटी बहन को ना भुलाना ........ आज भी लता मंगेशकर खूबसूरत आवाज में सुनना अच्छा लगता है ।
1962 में आई फिल्म "राखी" का गीत "राखी धागों का त्यौहार... बंधा हुआ इक इक धागे में भाई सहन का प्यार ,मोहम्मद रफी की आवाज में सुनकर मन को सुकून मिलता है। इस फिल्म में एक और गीत है जिसे लता मंगेशकर ने गाया है, "बाबुल छूट चला तेरे अंगना राखी.... "
 1965 में आई फिल्म "काजल" में भी आशा भोंसले द्वारा गाया राखी गीत आज भी कर्णप्रिय है , "मेरे भैया ,मेरे चंदा ,मेरे अनमोल रतन. तेरे बदले में जमाने की कोई चीज ना लूं....." 
"हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में......"  1969 में बनी एक फिल्म "अंजाना" का यह गीत लता मंगेशकर ने गाया है तथा यह राजेंद्र कुमार और नाजिमा पर फिल्माया गया है।
हरे रामा हरे कृष्णा (1971) फिल्म में भाई बहन के रिश्ते को विस्तार से दिखाया गया है। भाई देवानंद अपनी बहन जीनत अमान को सही रास्ते पर लाने के लिए हर संभव प्रयास करता है, जो नशे की लत का शिकार हो काठमांडू जा कर हिप्पियों के साथ रहती है। इस फिल्म का प्यारा गीत, '' फूलों का तारों का सबका कहना है , एक हजारों में मेरी बहना है...." आज भी जब कोई भाई गुनगुनाता है तो बहन के चेहरा गर्व और खुशी से खिल उठता है ।
1972 में आई फिल्म "बेईमान" का एक गीत जो लता मंगेशकर एवं मुकेश ने गाया था,  "ये राखी बंधन है, ऐसा जैसे चंदा और किरण का, जैसे नदियां और पवन का...... यह गीत आज भी राखी से जुड़ी हर याद को ताजा कर देता है ।

1974 में धर्मेंद्र अभिनीत फिल्म "रेशम की डोरी"  भी पूरी तरह से भाई बहन के रिश्ते पर ही आधारित थी। "बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है, प्यार के दो तार से संसार बांधा है......"  यह गीत आज भी हर बहन को अपने भाई की याद दिला ही देती हैं। इस फिल्म के एक दृश्य में बहन अपने भाई की कलाई पर उस वक्त राखी बांधती है जब वह जेल जा रहा होता है। उस समय भाई के हाथों में हथकड़ी होती है और उसी हाथ में राखी बांधते देख हर भाई बहन की एक दूसरे की याद में आंखें गीली हो जाती हैं।
फिल्म धर्मात्मा(1975) में फिरोज खान और फरीदा जलाल भाई बहन का एक भावनात्मक किरदार निभाया है 
 1983 में आई बहुचर्चित फिल्म "अंधा कानून" में भी बहन भाई का प्यारा नोकझोंक चलता रहता है। मल्टीस्टारर इस फिल्म में रजनीकांत और हेमा मालिनी भाई-बहन बने हैं। किशोर कुमार और आशा भोंसले द्वारा गाया गया गीत "मेरी बहना दीवानी है ....." बेहद चर्चित हुआ था।
 सनम बेवफा(1991) में मुस्लिम नायिका अपने हिंदू सहेली के भाइयों को राखी बांधती है जो अंत में फिल्म के क्लाइमेक्स का हिस्सा बनती है।
 1994 में प्रदर्शित फिल्म "साजन का घर" में जूही चावला और दीपक तिजोरी सौतेले भाई बहन के रूप में हैं। उस फिल्म का एक डायलॉग आज भी प्रचलित है ,"फिल्म के एक दृश्य में  दुर्घटनावश जब दीपक तिजोरी कहते हैं ,काश दोनों हाथों में राखी बांधने का रिवाज होता ; आज वह  हाथ कटा जिस पर दीदी ने राखी नहीं बांधी"।
" बंधन "(1998) फिल्म में भी अश्विनी भावे तथा सलमान खान को भाई बहन के रूप में दिखाया गया है जो फिल्म की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 
 फिल्म "प्यार किया तो डरना क्या" (1998)  भाई अरबाज खान अपनी बहन काजोल की सुरक्षा के लिए दुनिया से लड़ जाते हैं ।
 युवा आतंकवाद पर आधारित फिल्म "फिजा" (1999)  में एक बहन का भाई के प्रति अगाध प्रेम दर्शाया गया है ,जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा था।
 जोश (2000)--- शाहरुख खान एवं ऐश्वर्या राय के इस फिल्म में कूल भाई बहन का किरदार निभाया था।
" प्रेम रतन धन पायो" में स्वरा भास्कर तथा सलमान खान और उसके सौतेले भाइयों का प्रेम तथा समर्थन देखते बनता है।
सूरज बड़जात्या की पारिवारिक फिल्म "हम साथ साथ हैं"(2015)  मैं भी नीलम का अपने तीन भाइयों के साथ प्यार और बंधन का भावुक दृश्य फिल्माया गया है, जिसे दर्शक आज भी पसंद करते हैं।
 एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म सरबजीत (2016) में भी भाई बहन का अनोखा प्यार दिखाया गया है, कि किस प्रकार से बहन दलबीर कौर अपने भाई सरबजीत को सरहद पार से ले आने के लिए संघर्ष करती है।

 इन सब से भी इतर भी कई ऐसे गीत हैं जो भाई-बहन के प्रेम को दर्शाते हैं। भले ही उसमें उस गीत में रक्षाबंधन का त्यौहार न मनाया गया , जिसमें सबसे मुख्य है--- "मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुल्हनिया..... ( सच्चा झूठा) 
"बाबुल का ये घर बहना कुछ दिन का ठिकाना है, बनके दुल्हन एक दिन तुझे पिया घर जाना है ....(दाता)
" देख सकता हूं मैं कुछ भी होते हुए, नहीं मै नहीं देख सकता तुझे रोते हुए...... (मजबूर)

Artee priyadarshini, Gorakhpur

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