सास- बहू का रिश्ता : नए नजरिये की आवश्यकता मेरे मोहल्ले में एक वृद्ध महिला अपने घर में अकेली रहती है। वह बेहद मिलनसार एवं हंसमुख है।उनका एकलौता बेटा और ब...
छठ्ठी मईया होइ न सहाय उ..s...जे घूसवा जे लेवेला निडर से.... अफसर नेता तक पहूंचाए.... उ...s.. जे मेहनत के पईसवा बा जनता के..... सब जन मिली बांटि खाए... छठ्ठी मईया होइ न सहाय अबकि भ्रष्टाचार खतम करीं...
ख्वाबों का आशियां हम सजाएं कैसे ...? इंतजार कर दिया हम जलाएं कैसे...? तुम तो चले जाओगे एक दिन हमें छोड़कर, नादां दिल को हम समझाएं कैसे...? ना तेरी मंजिल की खबर है ,ना रास्तों का पता.... अन...
अजनबी जिंदगी जाने क्यूं ये जिंदगी अजनबी सी लगती है कभी अपनी तो कभी बेगानी सी लगती है हर बार पाई हैं हमने अपनी मंजिलें कभी गिरकर ...तो कभी उठ कर संभलते हुए ख...
सितंबर (प्रथम )अंक में प्रकाशित निबंध "युवा नेता कहां है" ने सोचने पर विवश कर दिया। वाकई में युवाओं का देश कहलाने वाला भारत, और दुनिया का सबसे बड़ा कहा जाने वाला लोकतांत्रिक द...
"मै उड़ना चाहती हूं", को प्रतिलिपि पर पढ़ें : http://hindi.pratilipi.com/pratilipi/4782246062456832?utm_source=android&utm_campaign=content_share भारतीय भाषाओँ में अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और दोस्तों से साझा करें, पूर्णत: नि:शुल्क
सरिता के अगस्त (प्रथम) अंक में" धर्म जनित भीड़ का खतरा" पढ़कर कोई आश्चर्य नहीं हुआ। आए दिन ऐसी खबरें अखबार और न्यूज़ चैनल की शोभा बढ़ाती रहती हैं। तरस आता है ऐसे लोगों की बुद्धि ...