छठ्ठी मईया होइ न सहाय

छठ्ठी मईया होइ न सहाय

उ..s...जे घूसवा जे लेवेला निडर से....
अफसर नेता तक पहूंचाए....
उ...s.. जे मेहनत के पईसवा बा जनता के.....
सब जन मिली बांटि खाए...

छठ्ठी मईया होइ न सहाय

अबकि भ्रष्टाचार खतम करीं देश से
दुखियन लगिहैं लहलहाय.....
उ..s.. जे अफसर लोगन रोइहैं बियोग से
हर घर खुशी लौटि आए.....

छठ्ठी मईया होइ न सहाय....

                   ✍ आरती प्रियदर्शिनी ,गोरखपुर

Comments

Popular posts from this blog

भेड़ चाल वाली जनता

धरोहर

सिनेमा सौन्दर्य और सर्जरी